गिरिडीह उपचुनाव: इस साल संभावना नहीं, फरवरी 2027 तक हो सकता है चुनाव

झारखंड की गिरिडीह विधानसभा सीट पर इस साल उपचुनाव होने की उम्मीद बेहद कम है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर अब नए साल यानी फरवरी 2027 में चुनाव कराए जाने के संकेत मिल रहे हैं। चुनाव आयोग के जानकारों के अनुसार, इस सीट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान ही उपचुनाव संपन्न कराया जा सकता है, हालांकि इस संबंध में आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित हैं।

एसआइआर (SIR) के कारण इस वर्ष चुनाव की उम्मीद क्यों नहीं?
झारखंड में फिलहाल एसआइआर (SIR) की प्रक्रिया जोरों पर चल रही है। तय किए गए शेड्यूल के मुताबिक, 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाना है। इसके तुरंत बाद, दिसंबर के महीने में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) का काम निर्धारित है। मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की अन्य तैयारियों के बीच इस वर्ष चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है। गिरिडीह उपचुनाव के लिए फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन एक सबसे अहम चरण है। एसआइआर के तहत मतदाताओं के नए नाम जोड़ने, प्राप्त आपत्तियों व दावों का निपटारा करने तथा सूची को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। 30 नवंबर को अंतिम सूची जारी होने के बाद ही चुनाव के लिए मतदाताओं से जुड़ा अपडेटेड डेटा पूरी तरह तैयार हो पाएगा।

6 मार्च 2027 तक उपचुनाव कराने की है समय-सीमा
जनप्रतिनिधित्व कानून के नियमों के मुताबिक, विधानसभा की किसी भी रिक्त सीट पर आम तौर पर सीट खाली होने की तारीख से छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य होता है। गिरिडीह सीट के विधायक सुदिव्य सोनू का निधन 6 सितंबर 2026 को हुआ था। इस लिहाज से उनके निधन की तिथि से छह महीने की वैधानिक समय-सीमा 6 मार्च 2027 को समाप्त हो रही है। इसी निर्धारित समयावधि के भीतर निर्वाचन आयोग को इस सीट पर हर हाल में उपचुनाव कराना होगा।

