14th JPSC Scam: CM हेमंत सोरेन के रांची लौटते ही एक्शन में सरकार, छात्रों से बात करेगी मंत्रियों-IAS अफसरों की कमेटी

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरा संपन्न कर रांची लौटते ही राज्य सरकार तुरंत हरकत में आ गई है। सरकार ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए मंत्रियों और शीर्ष आईएएस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों से सीधे वार्ता करेगी।
छात्रों के विरोध के बाद सरकार का बड़ा कदम
14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ परीक्षार्थी और छात्र संगठन राजधानी रांची में बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि इस धांधली की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों के लगातार बढ़ते आक्रोश और आंदोलन को देखते हुए राज्य प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालने और अभ्यर्थियों के पक्ष को गहराई से समझने के लिए यह पहल की है।
उच्चस्तरीय कमेटी में शामिल प्रमुख चेहरे
सरकार द्वारा गठित इस विशेष समिति में शासन और प्रशासन के प्रमुख चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है:
- मंत्रिमंडल के सदस्य: राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, जो प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर छात्रों की शिकायतों का आकलन करेंगे।
- वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी: गृह विभाग एवं शिक्षा विभाग से जुड़े प्रमुख आईएएस अधिकारी, जो कानूनी व प्रक्रियात्मक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
यह कमेटी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर उनकी एक-एक बिंदु पर शिकायतें सुनेगी और अपनी रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
निष्पक्ष जांच का आश्वासन
सरकारी सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है। समिति के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बहाल करना और अभ्यर्थियों के बीच बने असमंजस और अविश्वास के माहौल को दूर करना है। बातचीत के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर सरकार आगे के कड़े कानूनी और सुधारात्मक कदम उठाएगी।
