बिरसा मुंडा शहादत दिवस: राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों ने ‘धरती आबा’ को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Birsa Munda Death Anniversary: झारखंड समेत पूरे देश में आज ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि (शहादत दिवस) मनाई जा रही है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ ‘उलगुलान’ (क्रांति) का शंखनाद करने वाले इस महान स्वतंत्रता सेनानी की याद में राजधानी रांची सहित राज्यभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और तमाम जनप्रतिनिधियों ने उन्हें नमन किया और उनके दिखाए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया।
शहादत दिवस के अवसर पर सुबह से ही विभिन्न स्मारकों पर लोगों का तांता लगा रहा। देश की आजादी और जनजातीय समाज के अधिकारों के लिए महज 24 साल की उम्र में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले भगवान बिरसा मुंडा की वीरता को आज हर कोई याद कर रहा है।
कोकर स्थित समाधि स्थल पर पहुंचे गणमान्य लोग
रांची के कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल पर सुबह से ही श्रद्धांजलि देने के लिए वीआईपी और आम लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने समाधि स्थल पर पहुंचकर पवित्र प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित कर ‘धरती आबा’ को नमन किया।
इस दौरान वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने मौन रखकर अमर शहीद को अपनी श्रद्धांजलि दी। समाधि स्थल को इस विशेष दिन के लिए बेहद खूबसूरती से सजाया गया था।
राज्यपाल ने कहा- उनका बलिदान हमेशा प्रेरित करता रहेगा
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल झारखंड के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने बहुत ही कम उम्र में दमनकारी ब्रिटिश शासन के खिलाफ जो बिगुल फूंका था, उसने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी। राज्यपाल ने कहा कि उनके विचार और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण को लेकर किया गया संघर्ष आज भी उतना ही प्रासंगिक है और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशप्रेम की प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, कहा- उनके सपनों का झारखंड बनाना हमारा लक्ष्य है
मुख्यमंत्री ने भी कोकर समाधि स्थल और फिर राजभवन के पास स्थित बिरसा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भगवान बिरसा मुंडा के सिद्धांतों और उनके ‘उलगुलान’ के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि शोषितों, वंचितों और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना ही ‘धरती आबा’ को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सरकार उनके सपनों के समृद्ध और खुशहाल झारखंड के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी किया नमन
महान क्रांतिकारी की पुण्यतिथि पर राजनीतिक दलों के नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी श्रद्धांजलि दी। रांची के साथ-साथ उनके जन्मस्थान उलीहातू (खूंटी) में भी विशेष प्रार्थना सभाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने अपने जननायक को याद किया। सोशल मीडिया पर भी सुबह से ही #BirsaMunda और #धरती_आबा ट्रेंड करता रहा, जहां देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें नमन किया।


