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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

चाईबासा: आदिवासी उरांव समाज संघ की ओर से वार्षिक हड़बोड़ा कार्यक्रम आयोजित

चाईबासा: प्रत्येक वर्ष की भांति आज दिनांक – 31.12.2023 दिन रविवार को आदिवासी उरांव समाज संघ, चाईबासा की ओर से उरांव समाज समुदाय का हड़बोड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रत्येक वर्ष अगहन मास के पूर्णिमा के बाद पांचवी घड़ी के पौष माह में इस कार्यक्रम को आयोजित किया जा रहा है l चाईबासा क्षेत्र के समस्त उरांव समुदाय के लोग मसना स्थल ( श्मशान घाट ) कब्रिस्तान में एकत्रित होकर कब्र में अपने पूर्वजों के मृतात्माओं का आहवान कर उनकी आत्मा की शांति की कामना के लिए दो मिनट का मौन-धारण किया गया l


कार्यक्रम के सफल आयोजन में समाज के समस्त लोग बढ़-चढ़कर सहभागिता करते है l निर्धारित तिथि से महीने भर पूर्व से ही मसना स्थल एवं कब्र की साफ-सफाई, रंग-रोगन में समाज के लोग जुट जाते है l समाज में ऐसी मान्यता है कि हड़बोड़ा का कार्यक्रम कर अपने-अपने पूर्वजों के कब्र पर मृत रिश्तेदारों की आत्मा को शांति पहुंचाते है और उन मृत-आत्माओं से आशीर्वाद मांगते है l कार्यक्रम में पंडाल व्यवस्था, माइक सेट, कुर्सी, टेबल एवं खीर की व्यवस्था समाज के कार्यकर्त्ता विक्रम लकड़ा ने अपने मां-बाप के स्मृति में की  खिचड़ी की व्यवस्था। बान टोला अखाड़ा व समाज की महिलाओं के द्वारा वितरण किया गया l

कर्मा लकड़ा एवं तूना लकड़ा तेलेंगाखुरी के स्मृति में उनके परिवार की ओर से के द्वारा पुलहातु के शोभा तिर्की एवं परिवार की ओर से झालमुड़ी , गणेश बरहा कुम्हार टोली के द्वारा खीर पुड़ी, कालो मुनी तिर्की व जगना तिर्की के और से खीर एवं धुमकुड़िया की ओर से घुघनी ,चाय की व्यवस्था की गई l कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के अध्यक्ष श्री संचू तिर्की सचिव श्री अनिल लकड़ा, सहदेव किस्पोट्टा, बाबुलाल बरहा, लक्ष्मण बरहा, दुर्गा खलखो, लालू कुजूर, मुखिया डोमा मिंज,मंगल खलखो, भगवान दास तिर्की, रमेश कुजूर, संचू तिर्की, दिलीप बरहा, धर्मा तिग्गा,दुर्गा कुजूर, कृष्णा टोप्पो, पन्नालाल कच्छप, राजु तिग्गा, गणेश कच्छप, संजय कच्छप, शम्भू कच्छप, सुबीर लकड़ा, चन्दन कच्छप, तेजो कच्छप, भोला कुजूर, सीताराम मुण्डा, चमरू लकड़ा, लक्ष्मी खलखो, पार्वती कुजूर, शांति कुजूर,बासी लकड़ा,मालती लकड़ा, तीजो तिर्की, सुमित बरहा, बिक्रम खलखो, पंकज खलखो, राजेन्द्र कच्छप, खुदिया कुजूर, सीताराम मुंडा, चमरू लकड़ा, भोला तिर्की, ईशु टोप्पो,किशन बरहा, शम्भू कच्छप ,लखन टोप्पो, रवि तिर्की,बबलू कच्छप,शंभू कच्छप,जगरनाथ लकड़ा,जगरनाथ टोप्पो के अलावा काफी संख्या में उरांव समुदाय के बच्चें-बच्चियां व बूढ़ा -बुजुर्ग उपस्थित थे l

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