डी.डी.सी. की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल की जिला स्तरीय परामर्श समिति की बैठक सम्पन्न

सरायकेला-खरसावाँ, 27अगस्त 2026,
गुरुवार (भाग्य सागर)
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित “विभागीय शिखर सम्मेलन” के संदर्भ समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल स्रोतों की स्थिरता, ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं संधारण, जल संरक्षण तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत समीक्षा की गई।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि जिले में संचालित सभी पेयजल योजनाओं, खराब चापाकलों एवं जलमीनारों की समयबद्ध मरम्मत एवं रियल टाइम रिपेयरिंग सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बाधित न हो। उन्होंने विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजनाओं के संचालन, अनुरक्षण एवं आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा जल संरक्षण एवं जल संचयन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लगातार भू-जल स्तर नीचे जाने से पेयजल योजनाओं के साथ-साथ कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए जहाँ जल पुनर्भरण की आवश्यकता है तथा मनरेगा, पंचायती राज, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सहित संबंधित विभागों के समन्वय से जल संरक्षण एवं जल संचयन से जुड़ी योजनाओं का चयन एवं निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।
जल संरक्षण एवं जल संचयन को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए व्यापक जागरूकता अभियान संचालित करें। विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए लोगों को वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए।
जिला स्तर पर गठित तकनीकी टीम द्वारा पेयजल योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, खराब गुणवत्ता वाले पानी, अनियमित जलापूर्ति एवं अन्य तकनीकी समस्याओं की जांच कर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने, निर्धारित अंतराल पर पेयजल की गुणवत्ता एवं समयबद्ध जलापूर्ति की जांच भी नियमित रूप से करने सहित अन्य आवश्यक निर्देश दिया गया।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों की भूमिका को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक समिति की प्रतिमाह बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। योजनाओं के रख रखाव एवं संचालन के लिए ग्राम स्तर पर उचित जल कर की दर निर्धारित कर सभी हैंडओवर योजनाओं में नियमित जल कर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं के अनुरक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर संसाधन उपलब्ध हो सके।
बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जिला कृषि पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि, सभी कनीय अभियन्ता ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति से जुड़े सदस्य एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।


