हजारीबाग: डीसी ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा, दिए निर्देश

हजारीबाग जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के निराशाजनक परिणामों को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त (डीसी) हेमंत सती ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की और भविष्य में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए।
विद्यार्थियों के अनुपात में होंगे शिक्षक समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि शहरी क्षेत्रों के कई स्कूलों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक तैनात हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की भारी कमी है। डीसी ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षकों की तैनाती विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात (Rationing) के आधार पर की जाएगी। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पहुंच या पैरवी के आधार पर जमे हुए शिक्षकों की पहचान करें और उन्हें कमी वाले स्कूलों में पदस्थापित करने की रिपोर्ट जल्द सौंपें।
10वीं से 12वीं के परीक्षा परिणामों में करें सुधार डीसी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) प्रवीण रंजन को निर्देश दिया कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में गुणात्मक सुधार के लिए अभी से ठोस रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को जड़ से मजबूत करने की जरूरत है ताकि आगामी सत्र में हजारीबाग का प्रदर्शन राज्य स्तर पर बेहतर हो सके।

आवासीय विद्यालयों पर फोकस कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों सहित अन्य आवासीय शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को भरने के लिए डीसी ने अधिकारियों को वार्डन के साथ तालमेल बिठाने को कहा है। स्कूलों के नियमित निरीक्षण की जिम्मेदारी अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही, एकल शिक्षक वाले प्राथमिक स्कूलों (कक्षा 1 से 5) की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बीपीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा परिणाम में पिछड़ा हजारीबाग आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2026 की मैट्रिक परीक्षा में हजारीबाग जिला राज्य में 14वें स्थान पर खिसक गया है, जबकि 2025 में यह सातवें पायदान पर था। इंटरमीडिएट की रैंकिंग में भी जिला काफी पीछे है (आर्ट्स में 10वें, कॉमर्स में 9वें और साइंस में 6ठे स्थान पर)। डीसी ने इस गिरावट को गंभीरता से लेते हुए शैक्षणिक स्तर को पुनः ऊपर उठाने का संकल्प दोहराया है।
शिक्षा विभाग की हुई समीक्षा बैठक के अंत में हेमंत सती ने दोहराया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय सीमा के भीतर सभी कार्यों का निष्पादन करना होगा।
