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November 4, 2026

Suryoday Samvaad

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हजारीबाग: शिक्षा विभाग का हाल, 16 प्रखंडों के लिए मात्र दो बीईईओ

झारखंड का हजारीबाग जिला एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में हुए ट्रेजरी घोटाले की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि जिला शिक्षा विभाग में अधिकारियों की भारी किल्लत का मामला सामने आया है। आलम यह है कि जिले के सभी 16 प्रखंडों के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का जिम्मा केवल दो प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (BEEO) पर टिका है।

16 पदों के विरुद्ध केवल दो अधिकारियों की तैनाती

नियमों के अनुसार, सुचारू व्यवस्था के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक स्वतंत्र बीईईओ का पद सृजित है। लेकिन हजारीबाग में लंबे समय से इन पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। वर्तमान में केवल विजय राम और राकेश कुमार सिंह ही बीईईओ के रूप में कार्यरत हैं। 19 अप्रैल को जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आकाश कुमार द्वारा जारी एक नए आदेश ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है। इस आदेश के तहत राकेश कुमार को 9 प्रखंड और विजय राम को 7 प्रखंडों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पहले दोनों के पास 8-8 प्रखंड थे। अचानक किए गए इस फेरबदल पर अब सवाल उठ रहे हैं।

बीईईओ प्रखंड के डीडीओ

प्रखंड स्तर पर बीईईओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वे निकासी एवं व्यय पदाधिकारी (DDO) के रूप में कार्य करते हैं।

  • शिक्षकों का वेतन: प्राथमिक और मध्य विद्यालयों (कक्षा 1 से 8) के शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया बीईईओ के हस्ताक्षर के बिना पूरी नहीं हो सकती।
  • वित्तीय और प्रशासनिक नियंत्रण: सरकारी स्कूलों की तमाम गतिविधियों, मिड-डे मील और अन्य वित्तीय खर्चों की निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। एक ही अधिकारी पर इतने अधिक प्रखंडों का बोझ होने से शिक्षकों के वेतन और स्कूलों के विकास कार्यों में देरी होने की प्रबल आशंका है।

किस अधिकारी को मिला कौन सा क्षेत्र?

कार्यभार के नए बंटवारे के अनुसार प्रखंडों की सूची इस प्रकार है:

  1. राकेश कुमार सिंह (9 प्रखंड): इनके जिम्मे बरकट्ठा, चलकुसा, विष्णुगढ़, टाटीझरिया, दारू, पदमा, इचाक, कटकमदाग और सदर प्रखंड शामिल हैं।
  2. विजय राम (7 प्रखंड): इन्हें कटकमसांडी, बरही, चौपारण, बड़कागांव, केरेडारी, चुरचू और डाड़ी प्रखंड की जिम्मेदारी दी गई है।

क्या कहते हैं शिक्षा अधिकारी

इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) आकाश कुमार ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने के लिए यह आंतरिक फेरबदल किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों को डीडीओ की जिम्मेदारी दी गई है और इसकी औपचारिक सूचना उपायुक्त (DC) तथा प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, झारखंड को भेज दी गई है। हालांकि, सीमित संसाधनों में इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाना दोनों अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती है।

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