Categories

November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

सरायकेला-खरसावां जिले के पत्रकारों को मिला प्रेस भवन, पूर्व मुख्यमंत्री ने किया विधिवत उदघाटन, पत्रकारिता का प्रोफेशन बेहद ही चुनौतियों भरा होता है- चंपई सोरेन

सरायकेला जिले के एकमात्र मान्यता प्राप्त पत्रकार संगठन प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला- खरसावां के नए भवन का विधिवत उद्घाटन शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपई सोरेन ने विधिवत फीता काटकर किया. इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, विधायक प्रतिनिधि सनद कुमार आचार्य, 20 सूत्री के अध्यक्ष छाया कांत गोराई, आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री के सुपुत्र बबलू सोरेन वरिष्ठ पत्रकार कवि कुमार और उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरतियार मौजूद रहे।

अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने जिले के पत्रकारों को प्रेस क्लब के नए भवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लंबे समय से जिले के पत्रकार एक भवन की मांग कर रहे थे. थोड़ी विलंब जरूर हुई मगर आज एक सुसज्जित भवन जिले के पत्रकारों के लिए उपलब्ध कराया गया है. भविष्य में इसे और भी आधुनिक और हाईटेक बनाया जाएगा. यहां से बैठकर वे अपने क्रियाकलापों का संचालन कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें कहीं भटकना नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का प्रोफेशन बेहद ही चुनौतियों भरा होता है. छोटी- छोटी समस्याओं को अपनी लेखनी के माध्यम से बाहर लाने में उनकी बड़ी भूमिका होती है. हम लोगों के दिल की बातों को समझ कर उसे लिखना आसान नहीं होता है. मगर पत्रकार अपनी लेखनी से उसे सहज और सुगम तरीके से लिखते हैं. कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी वह अपना काम निरंतर करते रहते हैं. यह भवन जिले के पत्रकारों का एक गौरव होगा।

इस मौके पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनमोहन सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया और कहा कि चार वर्षों के अथक प्रयास से आज जिले के पत्रकारों को पूर्व मुख्यमंत्री की पहल पर भवन का सौगात मिला है. उन्होंने कहा कि यह भवन सभी पत्रकारों के लिए है. प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां से जुड़े पत्रकारों ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी है आज उन्हीं के संघर्षों की वजह से यह भवन मिला है इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं. मौके पर क्लब के महासचिव रमजान अंसारी, वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद दिलदार, पिनाकी रंजन, अरुण माझी, सचिंद्र दाश, मनोज सिंह, संतोष कुमार, लाल बहादुर शास्त्री, बृजेश सिंह, शशांक शेखर, सुमंगल कुंडू आदि मौजूद रहे.

About Author