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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

नोवामुंडी के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की हालत खस्ता, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर मासूम 

दिखावे का मॉडल केंद्र

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत नोवामुंडी प्रखंड में सरकारी दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां प्रशासन द्वारा बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने के नाम पर जिस आंगनबाड़ी केंद्र को ‘मॉडल’ (आदर्श) रूप में चिन्हित किया गया था, वह आज खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। व्यवस्था की उदासीनता के कारण नौनिहालों को बुनियादी सुविधाएं मिलना तो दूर, उन्हें एक सुरक्षित छत भी नसीब नहीं हो पा रही है।

जर्जर भवन और सुरक्षा पर मंडराता खतरा

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की इमारत पूरी तरह से जर्जर और खंडहरनुमा हो चुकी है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और छत से कंक्रीट व प्लास्टर टूट-टूटकर गिर रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब पूरी छत से पानी का रिसाव होने लगता है। ऐसे असुरक्षित और जर्जर माहौल में मासूम बच्चे हर समय किसी अनहोनी या हादसे के डर के साये में बैठने को विवश हैं।

मरम्मत की मांग और प्रशासनिक उपेक्षा

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और बच्चों के अभिभावकों ने कई बार विभाग के संबंधित अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कागजों पर इसे ‘मॉडल केंद्र’ का दर्जा देने से धरातल की स्थिति नहीं बदलेगी। प्रशासन द्वारा समय पर मरम्मत या नए भवन के निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है। लोग मांग कर रहे हैं कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द इस जर्जर ढांचे को दुरुस्त किया जाए।

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