. Ranchi : बोर्ड परीक्षाओं में PEN नंबर अनिवार्य; झारखंड में हजारों छात्र परीक्षा से वंचित होने के कगार पर…

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
राँची | 02 दिसंबर 2025, झारखंड के मैट्रिक, इंटर, मदरसा एवं मध्यमा परीक्षाओं में PEN (परीक्षा पहचान नंबर) को अनिवार्य किए जाने के बाद राज्यभर के लाखों छात्रों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। आधार कार्ड में गड़बड़ियों, डेटा त्रुटियों और गलत नामांकन विवरण के कारण हजारों विद्यार्थियों को PEN नंबर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे वे आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बैठने से वंचित हो सकते हैं।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा वर्ष 2026 से सभी बोर्ड परीक्षाओं में PEN अनिवार्य करने का निर्णय लागू कर दिया गया है। लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्रों का डेटा अधूरा या गलत है, जिसका सीधा असर परीक्षार्थियों पर पड़ रहा है।
क्यों नहीं बन पा रहा है PEN नंबर ?
आधार-नामांकन डेटा मेल नहीं खा रहा।
कई विद्यार्थियों के आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अभिभावकों के विवरण में त्रुटियाँ होने के कारण डेटा सत्यापन फेल हो रहा है।
ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड हुई गलत जानकारी।
स्कूलों द्वारा अपलोड की गई गलत प्रविष्टियाँ PEN निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं।
दूरदराज क्षेत्रों में ऑनलाइन अपडेट की समस्या।
कई ग्रामीण विद्यालयों में नेट की कमी के कारण डेटा संशोधन समय पर नहीं हो पा रहा।
कई छात्रों के आधार में बायोमेट्रिक मिलान की दिक्कत।
विशेषकर नाबालिग बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक असंगतियाँ आम हैं।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ती परेशानी
परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि नजदीक है, लेकिन हजारों विद्यार्थी PEN न बनने से हताश हैं।
कई अभिभावकों ने चिंता जताई है कि सरकार और शिक्षा विभाग समय रहते हस्तक्षेप नहीं करेगा तो बड़ी संख्या में बच्चे 2026 की बोर्ड परीक्षाओं से बाहर हो जाएंगे।
शिक्षक संगठनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
विभिन्न शिक्षक संगठनों ने राज्य सरकार और JAC से अपील की है कि— डेटा सुधार के लिए विशेष शिविर लगाए जाएँ।
PEN निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
आधार-आधारित सत्यापन के विकल्प उपलब्ध कराए जाएँ।
अंतिम तिथि बढ़ाकर छात्रों को राहत दी जाए।
वहीं कई छात्र संगठन तथा शिक्षकों का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी बच्चों पर नहीं डाली जा सकती।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर, लेकिन समाधान अधर में
JAC ने फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर तय की है।
छात्रों और शिक्षकों का मानना है कि वर्तमान डेटा त्रुटियों को देखते हुए यह समय सीमा पर्याप्त नहीं है।
यदि विभाग ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो हजारों विद्यार्थी बिना किसी गलती के परीक्षा से वंचित हो जाएंगे — जिसका असर उनके भविष्य पर गंभीर रूप से पड़ेगा।
राज्य सरकार से छात्रों की अपील
छात्रों और अभिभावकों ने कहा है कि— राज्य सरकार तत्काल आदेश जारी करे,
डेटा सुधार की प्रक्रिया तेज की जाए,
और जब तक सभी छात्रों का PEN तैयार न हो जाए,
तब तक परीक्षा फॉर्म जमा करने की बाध्यता को स्थगित किया जाए।
बता दूं कि यह मुद्दा अब सिर्फ तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि राज्य के शिक्षा भविष्य का सवाल बन गया है।
सरकार यदि समय रहते समाधान नहीं करती, तो झारखंड के हजारों बच्चों का शैक्षणिक वर्ष जोखिम में पड़ सकता है।
