रामगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के 6 अपराधी गिरफ्तार

रामगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के 6 अपराधी गिरफ्तार
झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए संगठित अपराध गिरोह के 6 सक्रिय बदमाशों को धर दबोचा है। इस बड़ी कामयाबी की विस्तृत जानकारी मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मुकेश कुमार लुणायत ने दी। एसपी के दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पतरातू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था, जिसने इस पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस कार्रवाई के दौरान छह बालिग अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ एक नाबालिग (किशोर) को भी हिरासत में लिया गया है।
बड़ी घटना को अंजाम देने की थी तैयारी
पुलिस प्रशासन को 25 मई को एक विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि पतरातू थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुछ शातिर अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से एक स्थान पर एकत्रित होकर साजिश रच रहे हैं। इस गुप्त सूचना की सत्यता जांचने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर छापेमारी की और मौके से सभी आरोपियों को दबोच लिया।
हथियार और सामान बरामद
सफल छापेमारी के दौरान पुलिस बल ने पकड़े गए अपराधियों के पास से निम्नलिखित अवैध हथियार और अन्य सामग्रियां बरामद की हैं:
- 1 लोडेड अवैध कट्टा / देसी पिस्टल
- 34 चक्र (राउंड) जिंदा कारतूस
- 2 अतिरिक्त मैगजीन
- 3 बिना नंबर/संदिग्ध मोटरसाइकिलें
- 6 चालू मोबाइल फोन
राहुल दुबे गिरोह से जुड़े हैं आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए सभी शातिर बदमाश क्षेत्र में खौफ का पर्याय बने ‘राहुल दुबे गैंग’ के सक्रिय सदस्य हैं। कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान इन अपराधियों ने रेलवे ओवरब्रिज (फ्लाईओवर) निर्माण स्थल, ओसम डेयरी प्लांट और अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री जैसी जगहों पर पूर्व में हुई अंधाधुंध फायरिंग और रंगदारी की घटनाओं में अपनी सीधी संलिप्तता कबूल की है।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान
इस पुलिसिया कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों के नाम विकास साव, विशाल कुमार, बिंदु कुमार रवि, हीरालाल कुमार, दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन और एहतेसाम अंसारी उर्फ दुर्लभ बताए गए हैं। सुरक्षा कारणों और कानूनी प्रक्रिया के तहत एक विधि विरुद्ध किशोर को भी निरुद्ध कर बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने
पुलिस द्वारा खंगाले गए रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए अपराधियों का पुराना और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। गिरोह के मुख्य सदस्यों विकास साव और दिगंबर प्रजापति के खिलाफ पूर्व में भी रंगदारी, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले से जुड़े कई संगीन मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
कानूनी कार्रवाई जारी
पतरातू थाना में इस संबंध में कांड संख्या 126/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी पकड़े गए आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
छापेमारी टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
इस सफल आपराधिक धरपकड़ अभियान का नेतृत्व पतरातू एसडीपीओ राघवेंद्र शर्मा कर रहे थे। उनके साथ टीम में कई थानों के थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी के अलावा जिला पुलिस की तकनीकी सेल (Technical Cell) के दक्ष और अनुभवी जवान मुख्य रूप से शामिल रहे।


