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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

ICHAGARH : ईचागढ़ की जन बहुल इलाके में भी अब हिंसक पशु देने लगी दस्तक, सड़क पर मृत लकड़बग्घा को देख ग्रामीण हुए भयभीत…

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)

SERAIKELLA : सरायकेला-खरसवाँ जिले की चाण्डिल में स्थित दलमा अभयारण्य में जहाँ हाथी समेत अन्यान्य जंगली जानवरों की संरक्षण के लिए सरकार द्वारा करोड़ों की खर्च कर रहे हैं, ताकि उन्हें इसी जंगल मे भोजन और रहने की खासा व्यवस्था हो। लेकिन वहाँ पर्याप्त भोजन न मिलने की कारण आज गजराजों का पलायन कर चाण्डिल अनुमण्डल क्षेत्र में लगभग प्रतिदिन किसी न किसी गाँव और शहर में जा जाकर भोजन की तलाश में उत्पात मचाकर लोगों के घर की दीवार या दरवाजा तोड़कर अनाज एवं खाद्य सामग्री खा जाने की सिलसिला तो जारी है।

इधर ईचागढ़ थाना क्षेत्र में एक लकड़बग्घा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने की सूचना से वन विभाग की और परेशानी बढ़ गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ईचागढ़ थाना क्षेत्र की मिलनचौक से तिरुलडीह जानेवाले मुख्य सड़क पर सोड़ो मोड़ के नजदीक रविवार बीती रात को एक लकड़बग्घा सड़क पार करने के दौरान हाइवा की चपेट में आ जाने से मौके पर दम तोड़ दिया। सूत्रों की माने तो उक्त क्षेत्र में निर्वाध गति से अवैध बालू की ढुलाई होती है, जिसपर स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई रोक टोक नहीं होती है।

जिस कारण हाइवा चालकों में इतनी मनोबल बढ़ा हुआ होता है कि रात को उक्त सड़क पर राहगीर चलने से डरते है। घटना की सुचना मिलते ही चाण्डिल वन क्षेत्र पदाधिकारी घटनास्थल पहुंचकर मृत लकड़बग्घा की शव को अपने मे कब्जे में लेकर पंचनामा के लिए साइकिल से ले जाया गया।

वहीं जन बहुल इलाके में सड़क दुर्घटना में लकड़बग्घा की मौत से दलमा सेंचुयरी पर सवाल खड़ा कर दिया। आखिर यह हिंसक जानवर आया कहाँ से । दलमा सेंचुयरी या राज्य की सीमावर्ती क्षेत्र पुरुलिया की घना जंगल से। पर इस बात से स्पष्ट है कि यह लकड़बग्घा प्रजाति विलुप्त की कगार पर है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि भोजन की तालाश में ही जंगल से भटकते हुए यह जन बहुल इलाके में आ पहुंचा। जिसे देखकर रात अंधेरे में सड़क पर चलने के लिए आस आस के लोग भयभीत है।

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